देहरादून। सरकार ने नवरात्रि के दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर सख्ती बरती है। अब यह आटा केवल सील बंद पैकेट में ही बेचा जा सकेगा और इसके लिए वैध खाद्य लाइसेंस होना जरूरी होगा। स्वास्थ्य सचिव और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुट्टू के आटे की बिक्री को लेकर नये दिशा-निर्देश जारी किये गये है। इसके तहत खाद्य कारोबारियों को साफ हिदायत दी गई है कि बिना लाइसेंस और खुले में कुट्टू का आटा बेचने पर कार्रवाई की जाएगी।
अब कुट्टू के आटे की बिक्री के लिए पैकेट पर निर्माण तिथि, पैकेजिंग और एक्सपायरी तिथि के साथ विक्रेता का लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी कारोबारियों को खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड लिखित रूप में रखना होगा।
गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न जिलों में कुट्टू के आटे के छह सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों से लिए गए नमूनों में माइकोटॉक्सिन और फंगस जैसे हानिकारक तत्व पाए गए। इन मिलावटी उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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