देहरादून। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड में तेईस हजार से अधिक लोगों ने टीबी को मात दी है। प्रदेश में 11 हजार तीन सौ 21 निःक्षय मित्रों की सहायता से 23 हजार पांच सौ पैंसठ लोग टीबी को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश सरकार टीबी उन्मूलन के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है, जिसके चलते 2024 में तय लक्ष्य से अधिक टीबी मरीजों की पहचान की गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि टीबी मुक्त उत्तराखंड के लिए सामुदायिक सहयोग से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। 2024 में प्रदेश को 28 हजार टीबी मरीजों के चिन्हीकरण का लक्ष्य मिला था, लेकिन 29 हजार से अधिक मरीजों की पहचान की गई, जिससे उपचार सफलता दर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई। राज्य में टीबी मरीजों की एचआईवी और मधुमेह जांच भी बड़े पैमाने पर की गई। टीबी उन्मूलन के प्रयासों के तहत एक हजार चार सौ चैबीस ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त प्रमाणित किया गया है, जबकि 2024 में दो हजार 77 पंचायतों को इस सूची में जोड़ने का प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य के आठ जिलों में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान चल रहा है, जिसके तहत अब तक लगभग साढे चार लाख लोगों की जांच हुई, जिनमें से तीन हजार से अधिक मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई और उन्हें उपचार दिया जा रहा है।
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