देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्णायक नेतृत्व व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के मार्गदर्शन में यूपीसीएल द्वारा प्रदेश भर में आर०डी०एस०एस० योजना के तहत स्मार्ट मीटर की स्थापना के कार्य किये जा रहे हैं। इस योजना के तहत प्रदेश के 15.87 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर स्मार्ट मीटर की स्थापना तथा परिवर्तकों व फीडर्स पर भी स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। योजना के तहत प्राथमिकता पर सभी सरकारी प्रतिष्ठानों/ कार्यालयों/भवनों पर स्मार्ट मीटर लगाये जाने हैं। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन द्वारा सभी प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों एवं जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर भी निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ सरकारी प्रतिष्ठानों/कार्यालयों/भवनों पर प्राथमिकता पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लायें और यूपीसीएल को पूर्ण सहयोग प्रदान करें। इससे आम उपभोक्ताओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा और वे भी स्मार्ट मीटर अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। इससे राज्यभर में ऊर्जा दक्षता को भी बढ़ावा मिलेगा। स्मार्ट मीटर स्थापित करने से कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे। स्मार्ट मीटर वास्तविक समय में ऊर्जा की खपत की निगरानी करने में मदद करते हैं, जिससे अनावश्यक ऊर्जा खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। स्मार्ट मीटर स्वचालित रूप से खपत डाटा भेजते हैं, जिससे अनुमानित बिलिंग की समस्या समाप्त होती है और उपभोक्ताओं को सही बिल प्राप्त होता है। बिलिंग संबंधी शिकायतों में अप्रत्याशित कमी से उपभोक्ता को बेहतर संतुष्टि होती है। उपभोक्ता को खपत की डिटेल का विवरण मोबाइल एप पर उपलब्ध होती है। हर माह मीटर रीडिंग कराने से छुटकारा मिलेगा। विद्युत फाल्ट व सप्लाई बाधित होने की तुरंत जानकारी मिलेगी। सोलर सिस्टम लगाने पर यही मीटर नेट मीटर की तरह कार्य करेगा मोबाइल एप पर घर में चल रहे लोड की उपलब्ध जानकारी से बिजली की बचत के अवसरों की पहचान होगी। पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने पर कोई इंस्टॉलेशन शुल्क नहीं लिया जायेगा।
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