देहरादून। उत्तराखंड में लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फ से सड़कों पर सफेद चादर बिछ गई है। जिले में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बर्फबारी होती है। ऐसे में इन क्षेत्रों में आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को बहाल रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। बर्फवारी के दौरान भी मरीजों तक एंबुलेंस सेवा निर्बाध रह सके, इसके लिए संबंधित वाहनों में स्नो चेन लगाने की व्यवस्था की गई थी। अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बर्फबारी संभावित क्षेत्रों में तैनात 12 एंबुलेंस की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामजी शरण शर्मा के मुताबिक शीतकाल के मद्देनजर जिलाधिकारी की बैठक में बर्फबारी से प्रभावित रहने वाले मार्गों पर एंबुलेंस सेवा को बहाल रखने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से बर्फबारी संभावित क्षेत्रों में तैनात एंबुलेंस की सूची मांगी गई थी। ताकि सभी को समय पर स्नो चेन मुहैया कराई जा सके। अब सीएमओ की ओर से भेजी गई सूची में चकराता, त्यूणी, मसूरी, कोटी कानासर, क्वांसी, कोल्हूखेत, सहिया में तैनात 12 एंबुलेंस के लिए स्नो चेन की मांग की गई है। अपर जिलाधिकारी रामजी शरण शर्मा के मुताबिक सभी एंबुलेंस को स्नो चेन से लैस करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
इनमें लगी खास सुविधा
चिकित्सालय – एंबुलेंस वाहन
सा.सवा. केंद्र चकराता – टाटा विंगरसा
सवा. केंद्र त्यूणी – टाटा विंगरसा
सवा. केंद्र सहिया – क्रूजर फोर्स
उप जिला चिकित्सालय मसूरी- ईको मारुति
उप जिला चिकित्सालय मसूरी – बोलेरो
इन सबके अलावा 108 एंबुलेंस सेवा चकराता, त्यूणी, कोटी कनासर, क्वांसी, सहिया, मसूरी, कोल्हूखेत में भी है। आम जनता के लिए कठिन समय में भी कार्य करते रहे हैं।

More Stories
देहरादून के विकास का नया ब्लूप्रिंट, 968 करोड़ के बजट से शहर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
जिला योजना 2026-27 के परिव्यय पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित, विकास कार्यों में नवाचार व स्वरोजगार पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात