नागालैंड में शहीद हुए उत्तराखंड के हवलदार प्रदीप थापा को रविवार को नम आंखों से विदाई दी गयी। उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग उमड़े। टपकेश्वर श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने तीन राउंड हवा में गोलियां दागकर शहीद को अंतिम सलामी दी। शहीद के भाई मदन थापा ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सेना, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने उनको श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शहीद की यात्रा में सम्मिलित हुए। इस दौरान सीएम ने स्वजन से भेंट कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा हवलदार प्रदीप थापा के बलिदान को हम नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड सरकार शहीद परिवार के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा ईश्वर शहीद परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बता दें, 1/3 गोरखा राइफल्स के हवलदार व देहरादून के अनारवाला निवासी हवलदार प्रदीप थापा नागालैंड में तैनात थे। शुक्रवार सुबह ड्यूटी के दौरान वह शहीद हो गए थे। इसकी सूचना मिलते ही उनके परिवार को देर शाम को मिली। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के लोग शोक संतृप्त परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।

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