नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन घरेलू बाजार लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रांट क्रूड) की कीमतें 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
कारोबार की शुरुआत में बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 362.47 अंक टूटकर 77,107.64 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 90.96 अंक गिरकर 24,096.75 पर आ गया। जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव और गहरा गया। सुबह 09:37 बजे तक सेंसेक्स 599.28 अंकों (0.77%) की भारी गिरावट के साथ 76,870.83 पर जबकि निफ्टी 163.61 अंक (0.68%) फिसलकर 24,024.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इन वजहों से टूटा बाजार:
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कच्चे तेल में उबाल: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण क्रूड ऑयल 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।
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FII की बिकवाली और कमजोर रुपया: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने बाजार का मूड और बिगाड़ दिया है।
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इंडिगो और सन फार्मा में गिरावट: शुरुआती सत्र में इंडिगो और सन फार्मास्यूटिकल्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। टोक्यो सत्र के दौरान जापान का ‘टॉपिक्स’ सूचकांक 1.3% और ऑस्ट्रेलिया का ‘S&P/ASX 200’ 0.2% चढ़ा। इसके विपरीत हांगकांग का ‘हेंगसेंग’ 0.7% लुढ़क गया, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.3% की बढ़त रही।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल के दाम स्थिर नहीं होते, तब तक भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करेगा।

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