June 25, 2026

पौड़ी के 16 अस्पताल ‘नोडल अस्पताल’ के रूप में चिह्नित हुए

पौड़ी के 16 अस्पताल ‘नोडल अस्पताल’ के रूप में चिह्नित हुए

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस.  समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सेवाओं के युक्तिकरण व पीसीपीएनडीटी एक्ट के कड़ाई से पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
जिलाधिकारी ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जीआईएस के माध्यम से 16 अस्पतालों को ‘नोडल अस्पताल’ के रूप में चिह्नित किया गया है, ताकि किसी भी मरीज को एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, डायग्नोस्टिक परीक्षण व सुरक्षित प्रसव जैसी सेवाओं के लिए 30 किमी से अधिक दूरी न तय करनी पड़े। बीरोंखाल, चेलूसैंण और घंडियाल में तत्काल एक्सरे सेवा शुरू करने तथा पाबौ, बीरोंखाल, थलीसैंण, यमकेश्वर व सतपुली में रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराकर अल्ट्रासाउंड सेवाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए। बीरोंखाल व सतपुली में साप्ताहिक अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू हो चुकी है, जबकि पाबौ व यमकेश्वर में शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। सरकारी अस्पतालों में पिछले छह माह में प्रसव की कम संख्या पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सीएमओ डॉ. शिव मोहन शुक्ला को केंद्रवार प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार करने और उदासीन एलएमओ का स्थानांतरण करने के निर्देश दिए। मातृत्व स्वास्थ्य में शिथिलता की जिम्मेदारी संबंधित एमओआईसी की होगी। नैनीडांडा व रिखणीखाल Wrna ‘खुशियों की सवारी’ सेवा शुरू कर प्रसूताओं व नवजातों को निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
सभी गर्भवती महिलाओं की डिजिटल सूची She’s करने, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने तथा एलएमओ को सप्ताह में एक दिन गांव भ्रमण अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों में पानी व प्रशिक्षण संबंधी समस्याओं के समाधान की भी बात कही गई।
आपातकालीन सेवाओं में ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व पर बल देते हुए निर्देश दिए गए कि 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर निकटतम विभागीय एंबुलेंस तुरंत भेजी जाए और यह सेवा पूर्णतः निःशुल्क रहे; इसके लिए धनराशि स्वीकृत है। ‘जिला रेफरल योजना’ के तहत रेफरल से पूर्व गंतव्य अस्पताल को सूचना देना अनिवार्य किया गया। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की सख्त निगरानी, उल्लंघन पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए गए। सीएचसी पाबौ, यमकेश्वर व उत्तरा केयर हॉस्पिटल के नए पंजीकरण तथा मंसा मैटरनिटी सेंटर कोटद्वार को नई अल्ट्रासाउंड मशीन क्रय की अनुमति दी गई। टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) व डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया गया।
सीएमओ ने विभाग की प्रतिबद्धता दोहराते हुए नियमित प्रदर्शन रिपोर्ट, प्रभावी रोस्टर प्रणाली और एंबुलेंस व रेफरल सेवाओं की निगरानी की जानकारी दी।