देहरादून। पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ती वन्यजीव गतिविधियों और मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग बागेश्वर द्वारा एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वन विभाग कार्यालय बागेश्वर के सभागार में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से मानवीय जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक सक्रिय भालू, गुलदार, जंगली सुअर और बंदरों से होने वाले खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांगती ने वन कर्मियों को वन्यजीवों के व्यवहार, हमलों के कारण, आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों तथा प्रभावी बचाव उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं फील्ड स्टाफ उपस्थित रहे। वन विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है, जिससे वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ मानवीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। उप प्रभागीय वनाधिकारी तनुजा परिहार ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में काफी लाभदायक सिद्ध होगा। प्रशिक्षण के माध्यम से वन कर्मियों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष को कम किया जा सकेगा। प्रशिक्षित वन कर्मी समय पर कार्रवाई करने के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सतर्कता और बचाव के उपायों की जानकारी देकर जनहानि रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वन्यजीव हमलों पर नियंत्रण को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

More Stories
श्री राम हमें मर्यादा, आदर्श जीवन, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं- गणेश जोशी
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला आज
आईएसबीटी क्षेत्र में कार-ट्रक की जोरदार टक्कर, SDRF ने ट्रक में फंसे युवक को निकाला सुकुशल बाहर