देहरादून। राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा सुशासन और विकास के तीन वर्ष एवं जिला समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत यूथ फेस्टिवल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “युवा शक्ति – नशा मुक्ति” रखी गई। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया और युवाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भागीदारी की। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। साथ ही, नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया। शनिवार को डिग्री कॉलेज में आयोजित सेवा सुशासन एवं यूथ फेस्टिवल कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि देश में नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। इसमें केवल मदिरा ही नहीं, बल्कि खतरनाक ड्रग्स और सिंथेटिक ड्रग्स का उपयोग भी बढ़ रहा है, जो अब मेट्रो सिटी और शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी जगह बना रहा है। जिलाधिकारी ने कहा आज आवश्यकता है कि हम अपने युवाओं को जागरूक करें,क्योंकि युवा ही हमारे कल का भविष्य हैं। तभी समाज में सकारात्मक वातावरण स्थापित होगा। दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट ने युवाओं के भविष्य और देश-प्रदेश की प्रगति में उनकी अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को “पढ़ाई का नशा” और देश-प्रदेश को आगे बढ़ाने का जुनून होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई नशा नहीं होना चाहिए, जिससे जीवन समाप्त हो जाए। प्रशासक जिला पंचायत बसंती देव ने युवाओं को नशे से दूर रहते हुए स्वस्थ,सुखद जीवन और अच्छे नागरिक बनने का आह्वान किया। विधायक बागेश्वर पार्वती दास ने भी युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। तथा जनजागरूकता पर बल दिया। एसपी चंद्रशेखर आर.घोड़के ने युवाओं को समाज में अच्छे नागरिक के रूप में योगदान देने और नशे से बचने पर जोर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने कहा कि नशे के उपयोग से व्यक्तित्व,परिवार और ख्याति को गंभीर नुकसान पहुंचता है। उन्होंने नशे के प्रति जागरूकता को अनिवार्य बताया।
नशे के दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन

More Stories
शोध के उद्देश्य और प्रमुख निष्कर्षों की जानकारी दी
आवाजाही के लिए खुला, गौरीकुंड, केदारनाथ मार्ग
चारधाम यात्रा के लिए हुए 12,लाख से अधिक पंजीकरण