देहरादून : पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य कार्मिकों की बड़ी मांग पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्हें संशोधित सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन योजना (एमएसीपीएस) के अंतर्गत पुरानी व्यवस्था के अनुसार 10, 16 या 26 वर्ष पर वित्तीय पदोन्नति देने का रास्ता शीघ्र साफ हो सकता है।
सरकार ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, प्रभारी सचिवों समेत विभागाध्यक्षों से वित्तीय पदोन्नति की इस व्यवस्था पर होने वाले अतिरिक्त खर्च का आकलन करने को कहा है। विभागों को 15 दिन में इस संबंध में सूचना देनी होगी।
राज्य कर्मचारियों को सीधी भर्ती की तिथि से क्रमश: 10, 20 और 30 वर्ष की अनवरत एवं संतोषजनक सेवा के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय एमएसीपीएस की व्यवस्था वर्तमान में लागू है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद समेत तमाम कर्मचारी संगठन सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन यानी एसीपी की पुरानी व्यवस्था के अनुसार क्रमश: 10, 16 एवं 26 वर्ष पर पदोन्नत वेतनमान देने की मांग कर रहे हैं।
मिनिस्टीरियल संवर्ग एवं वैयक्तिक सहायक संवर्ग समेत, शिक्षकों, निगम, निकाय, विश्वविद्यालय-महाविद्यालय और पुलिस कार्मिकों को पदोन्नति न होने की दशा में पहले की भांति 10, 16 और 26 वर्ष में पदोन्नति के पद का वेतनमान स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है।
संगठन इस मांग के संबंध में शासन के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री से वार्ता कर चुके हैं। अब सरकार ने इस मामले में विभागों के मुखिया शासन के अधिकारियों से अतिरिक्त व्यय का आकलन करने को कहा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 से वर्ष 2021-22 तक इस व्यवस्था को लागू करने पर पडऩे वाले वित्तीय भार का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सूचना वित्त विभाग को देने को कहा गया है।

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