देहरादून : उत्तराखंड में अगले वर्ष पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा का संचालन शुरू हो जाएगा। पिथौरागढ़ के लिए 19 सीटर हवाई जहाज से ये हवाई सेवा हिंडन, देहरादून और पंतनगर से शुरू की जाएगी। इसके साथ ही चिन्यालीसौड़ व गौचर में हवाई सेवा शुरू करने के लिए इन्हें उड़ान 5.0 के टेंडर में शामिल किया जाएगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि पिथौरागढ़ से फिक्सड विंग एयरक्राफ्ट सेवाएं शुरू करने के लिए फ्लाई बिग एयरलाइन को निर्देशित किया गया है। यह एयरलाइन 31 जनवरी से इसका संचालन शुरू करेगी।
हवाई सेवा पिथौरागढ़-हिंडन, हिंडन-पिथौरागढ़, देहरादून-पिथौरागढ़ और पिथौरागढ़ देहरादून और पंतनगर-पिथौरागढ़, पिथौरागढ़-पंतनगर मार्ग पर संचालित की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया नौ नवंबर को सर्वे कर चुकी है
इसका चार्ट बनाया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट दिसंबर के तीसरे सप्ताह में मिलेगी। इसके बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देहरादून एयरपोर्ट, जौलीग्रांट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विस्तारीकरण के लिए राज्य सरकार को मानकों के अनुरूप चिह्नित भूमि निश्शुल्क उपलब्ध करानी होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसी माह 27 नवंबर को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दिल्ली में भेंट उत्तराखंड में नागरिक उड्डयन के ढांचे को मजबूत करने और एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए उन्हें पत्र सौंपा था। इसी क्रम में अब केंद्रीय मंत्री ने उन्हीं बिंदुओं के क्रम में सरकार को कार्यवाही से अवगत कराया है।
हिमपात से पहले पूर्ण हों केदारनाथ व बदरीनाथ के निर्माण कार्य
वहीं मुख्य सचिव डा एसएस संधु ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में जिन निर्माण कार्यों की समय-सीमा दिसंबर रखी गई है, उन्हें हिमपात से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा से पहले जो कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण होने हैं, उन कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बुधवार को मुख्य सचिव डा एसएस संधु ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण और बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि यहां काम करने वाले ठेकेदारों का भुगतान किसी भी स्थिति में नहीं रुकना चाहिए। जो कार्य देर से शुरू हुए अथवा होने वाले हैं, उनकी लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में चल रहे रिवरफ्रंट डेवलपमेंट के कार्यों को अगले सीजन में नदी का जल स्तर बढऩे से पहले पानी के स्तर से ऊपर तक पूर्ण कर लिया जाए, जिससे बाद में कार्य बाधित न हो। उन्होंने कार्यों में आ रही समस्याओं से उन्हें अवगत कराने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हिमपात के कारण श्रमिकों के कम होने की जो समस्या आ रही है, उसके लिए अन्य राज्यों से श्रमिकों की व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को विभागीय व तकनीकी श्रमिकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।बैठक में सचिव सचिन कुर्वे समेत वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी व विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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