कवि चंदेल साहिब
देवभूमि हिमाचल

————————————————————-
गीत: गोविंद कृष्ण मुरारी
गोविंद कृष्ण मुरारी,
चरणों का मैं पुजारी.
पूजा करूँगा तेरी,
विनती करूँगा तेरी.
मैंने सुना है रामयुग में,
तूने सबरी तारी-२.
तेरी राह को तकते-२,
बीती उम्र है सारी.
धन्य है भीलनी प्यारी,
पूजा करी पुकारी.
गोविंद कृष्ण मुरारी,
चरणों का मैं पुजारी।
मैंने सुना है कृष्ण युग में,
तूने कुब्जा तारी-२.
सुंदरी-२ कहकर काया,
सुंदर ही कर डाली,
धन्य है कुब्जा प्यारी,
श्रृंगार करी बनवारी.
गोविंद कृष्ण मुरारी,
चरणों का मैं पुजारी।

More Stories
लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश
नवीन आढ़त बाजार का निर्माण पूरा, सितंबर तक प्लॉट आवंटन के निर्देश
जनता मिलन कार्यक्रम में 26 शिकायतें प्राप्त, डीएम ने समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश