June 12, 2026

देश के विख्यात निशानेबाज जसपाल राणा का ह्रदयाघात से निधन

देश के विख्यात निशानेबाज जसपाल राणा का ह्रदयाघात से निधन

नई दिल्ली। भारत के पूर्व दिग्गज निशानेबाज रहे जसपाल राणा का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान  निधन हो गया। वह 49 साल के थे। जानकारी के मुताबिक जसपाल राणा म्यूनिख से स्वदेश वापस लौट रहे थे, इसी दौरान  फ्लाइट में ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया।राणा के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राजनेताओं ने जसपाल राणा के निधन पर दुख जताया है। राणा ने खिलाड़ी और कोच, दोनों ही रूपों में तीन दशकों से ज्यादा समय तक  योगदान दिया। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कई पदक जीते और देश के सबसे सफल निशानेबाजों में अपनी पहचान बनाई। उन्हें 1997 में पद्म श्री से सम्मानित किया। जबकि 2020 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 28 जून 1976 को उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी में जन्मे राणा का पार्थिव शरीर टिहरी जिले के पैतृक गांव  चिलामू ले गया। शनिवार को मसूरी से उनका पार्थिव शरीर विमान के जरिये वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर लाया जाएगा। एयरपोर्ट पर उन्हें अंतिम सलामी दी जाएगी। इसके बाद सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर को मणिकर्णिका घाट ले जाया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद्मश्री से सम्मानित और भारतीय निशानेबाजी जगत के दिग्गज खिलाड़ी जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने उनके आकस्मिक निधन को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि उत्तराखंड ने अपना एक गौरवशाली सपूत खो दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जसपाल राणा ने निशानेबाजी के क्षेत्र में अपने असाधारण प्रदर्शन, ऐतिहासिक उपलब्धियों और समर्पण से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने न केवल देश का नाम रोशन किया, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जसपाल राणा का व्यक्तित्व और उनके द्वारा खेल जगत में दिया गया योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। उनका निधन उत्तराखंड, खेल जगत और पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।