पौड़ी- जनपद पौड़ी गढ़वाल में जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, जिलाधिकारी एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देशों के क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में फल एवं सब्जियों में रसायनों के संभावित उपयोग के विरुद्ध जागरुकता एवं सैंपलिंग अभियान चलाया गया।
अभियान के तहत विभागीय दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण करते हुए फल एवं सब्जी विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में जागरुक किया गया। पौड़ी क्षेत्र में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा पी.सी. जोशी तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी रचना लाल द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गयी, जबकि यमकेश्वर एवं कोटद्वार क्षेत्रों में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप मिश्रा द्वारा निरीक्षण किया गया।

सहायक आयुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान फल एवं सब्जी विक्रेताओं से कुल 12 नमूने लिए गए, जिन्हें सर्विलांस जांच हेतु प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने तथा बिलों का समुचित अभिलेख रखने तथा स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। सहायक आयुक्त ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत फलों को पकाने हेतु कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके स्थान पर केवल एथिलीन गैस का उपयोग निर्धारित मानकों (अधिकतम 100 पीपीएम) एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही अनुमन्य है।
उन्होंने बताया कि फल एवं सब्जियों पर वैक्स कोटिंग का उपयोग नियमानुसार प्रतिबंधित है। विशेषकर आयातित फलों में इसकी संभावना अधिक रहती है, इसलिए उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही, कीटनाशकों की अधिकतम अवशेष सीमा भी खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत निर्धारित है, जिसका अनुपालन अनिवार्य है। सहायक आयुक्त ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अत्यधिक चमकीले या संदिग्ध फल एवं सब्जियों का सेवन न करें तथा उपयोग से पूर्व उन्हें अच्छी तरह धोकर एवं आवश्यकतानुसार छीलकर ही सेवन करें।

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