पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक मार्मिक घटना सामने आई है। जिले के दूरदराज क्षेत्र में स्थित ताड़ेगांव गांव में जब 100 वर्षीया झुपा देवी का निधन हुआ, तो उनकी अंतिम यात्रा के लिए गांव में केवल तीन सक्षम पुरुष ही मौजूद थे। परिवार के लोगों को उनकी अंतिम यात्रा की चिंता सताने लगी। बुजुर्ग के पार्थिव शरीर को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए सिर्फ तीन सक्षम पुरुष ही मौजूद थे। उनके बेटे रमेश चंद, पोते रवि चंद और एक अन्य ग्रामीण पुरुष वहां मौजूद थे। ऐसे में अर्थी को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए सशस्त्र सीमा बल के जवानों को मदद के लिए बुलाना पड़ा। इसके बाद बुजुर्ग की अंतिम यात्रा निकाली जा सकी।
अंतिम यात्रा के लिए लेनी पड़ी सशस्त्र सीमा बल के जवानों की मदद

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