रुद्रप्रयाग। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान भीमताल तथा मत्स्य विभाग, रुद्रप्रयाग के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति के प्रगतिशील मत्स्य पालकों के लिए एकदिवसीय गोष्ठी का आयोजन विकास भवन, रुद्रप्रयाग में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक तकनीकों, ट्राउट एवं कार्प मछली पालन की आधुनिक विधियों तथा उनसे होने वाले आर्थिक लाभों की जानकारी प्रदान करना था।कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों से मत्स्य पालन को अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं और किसानों को मत्स्य पालन से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान द्वारा चयनित 20 लाभार्थियों को अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मत्स्य चारा, आइस बॉक्स, हैंडनेट,जाल आदि उपयोगी सामग्री वितरित की गई।
मत्स्य पालकों के लिए एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन

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