देहरादून। आईआईटी रुड़की का 25वां दीक्षांत समारोह शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसमें 2 हजार 614 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 1 हजार 267 स्नातक, 847 स्नातकोत्तर और 500 पीएचडी शामिल हैं। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह रहे। स्नातक में सर्वाेच्च अंक पाने वाले वंश सैनी को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक और सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए हार्दिक साहनी को निदेशक स्वर्ण पदक मिला। मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आईआईटी रुड़की देश के स्टार्टअप आंदोलन में बड़ा योगदान दे रहा है। संस्थान को लगातार चैथे वर्ष भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा सर्वाधिक नवोन्मेषी संस्थान का पुरस्कार मिला है और राष्ट्रीय रैंकिंग में छठा स्थान हासिल हुआ है। वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया कि इस वर्ष संस्थान ने 146 पेटेंट दायर किए, 399 करोड़ की अनुसंधान निधि प्राप्त की और क्वांटम प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा तथा संसाधन प्रबंधन में परियोजनाएं शुरू कीं। आईआईटी रुड़की को खान मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के तहत उत्कृष्टता केंद्र के रूप में भी नामित किया गया। समारोह में यह भी बताया गया कि चार हजार सात सौ करोड़ से अधिक मूल्य के 180 से ज्यादा स्टार्टअप पंजीकृत हुए और 178 महिला विद्यार्थियों ने पीएचडी प्राप्त की।
आईआईटी रुड़की का 25वां दीक्षांत समारोह आयोजित
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