देहरादून। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते यमुना और टोंस नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद डाकपत्थर बैराज से यमुना नदी में लगातार 1 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कल डाकपत्थर बैराज बैराज से यमुना नदी में 1 लाख 39 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। वहीं इच्छाड़ी बांध से 1 लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उपजिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से नदी के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी नौ बाढ़ चैकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं यूजेवीएनएल के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि कुल्हाल को छोड़कर यमुना घाटी की सभी परियोजना और जल विद्युत गृह में उत्पादन ठप है। वहीं हल्द्वानी के गौला नदी का जल स्तर बढ़ने से जल एनएचएआई द्वारा बनाए गए चेक डेम क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उधर अल्मोड़ा में भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग क्वारब सहित 11 मोटर मार्ग बाधित हैं। कोसी नदी में गाद और मलबा आने से शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। बागेश्वर जिले में भूस्खलन से आठ ग्रामीण मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्र बैसानी में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है।
यमुना और टोंस नदी का बढ़ा जलस्तर
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