बागेश्वर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रथम चरण की सभी 718 योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि द्वितीय चरण की 923 योजनाओं में से 789 योजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं। इस प्रकार दोनों चरणों की कुल 1641 योजनाओं में से 1507 योजनाएँ अब तक पूरी हो चुकी हैं। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताते हुए भी शेष योजनाओं की धीमी प्रगति पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और स्पष्ट कहा कि हर घर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान निर्माणाधीन योजनाओं की स्थिति, हर घर जल योजना की प्रगति, पुनरीक्षित प्राक्कलनों तथा वन भूमि प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि तकनीकी कमियों का समाधान तत्काल किया जाए और विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर अड़चनों को दूर करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुनरीक्षित डीपीआर केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही तैयार की जाए। जिन योजनाओं में वन भूमि की अनुमति लंबित है, उनमें शीघ्रता से कागज़ी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश वन विभाग को दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में लापरवाही बरती गई तो जिम्मेदारी तय होगी और उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री रामजीशरण शर्मा, जिला विकास अधिकारी श्री संतोष कुमार पंत, डीपीआरओ श्री राजेंद्र सिंह गुंज्याल, उत्तराखंड जल संस्थान व पेयजल निगम के अधिकारी तथा अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के लिए अनुबंधित थर्ड पार्टी मै० व्यूरो वेरीटास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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