जय कुमार भारद्वाज
देहरादून, उत्तराखंड

———————————————-
हिन्दी तो बिंदी है प्यारे हिंदुस्तान की।
भाषा नहीं है केवल यह पहचान है हिंदुस्तान की।
देश जाति का मान है भाषा
जन-जन का सम्मान है भाषा
गर्व करे मानवता जिस पर
वह गौरव अभिमान है भाषा।
जननी यही है देखो अखिल ज्ञान विज्ञान की।
भाषा तो होती है माता
आदि अन्त का इससे नाता
व्यर्थ धरा पर जीवन उसका
जो इसका गुणगान न गाता ।
रक्षा करनी है हम सबको
इस गौरव सम्मान की।
नगर-नगर गुणगान हो इसका
डगर-डगर जय गान हो इसका
सबसे आगे रहे विश्व में
और ऊँचा स्थान हो इसका।
आओ मिलकर करें कामना
हम इसके उत्थान की।
भाषा नहीं है केवल यह
पहचान है हिंदुस्तान की।

More Stories
मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की अहम बैठक
आईएसबीटी की व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त, सुरक्षा और सुविधाओं पर फोकस – : बंशीधर तिवारी
अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश